सुनो
Tuesday, 5 May 2015
मोहब्बत का नशा
मोहब्बत का नशा जा के उतरता है
शराब के मैखाने या आशु के पैमाने में
फिर भी हर पल तुझे ढूढ़ा करता हु इस ज़माने में
तू आजा किसी बहाने से
ये सासे रुक न जाएगी
तुझे भुलाने में तेरी याद को मिटाने में
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