सुनो
Sunday, 31 May 2015
फ़िक्र
कल की फिकर तो सताती हैं
लेकिन बेफिकरी मिजाज हैं
दुनिया ने अभी जाना नहीं
लेकिन ठोकरों में ये जम़ाना है
जिन्हें कल की फ़िक्र है
उनके मुठ्ठी में आज है.
Sunday, 17 May 2015
तु ये ना सोच
तु ये ना सोच तेरे बिना
यहॉ कुछ हो नहीं सकता
यहॉ रोज किसी का आना जाना हैं
लेकिन जब भी रुकने को दिल करता
ढुढ़ते है उस एक को
जो मेरे अॉखो में छुपी उदासी महसुस कर ले
क्योकि अब तो हम उनमें शामिल है
जो सब को हंसा के खुद रात भर रोया करते है...................
Wednesday, 13 May 2015
तुझे खो के
एक ज़माना वो भी था
जब हर सुबह मुस्कुराते हुए होती थी
लेकिन अब जाने कितने दिन
बिना मुस्कुराए हर सुबह की शाम हो जाती है
ऐसे सीखा तो ना हमने हँस के न रो के
जो सीखा बस तुझे खो के.………
Friday, 8 May 2015
दिवाने हम है
ना जाने उसे क्यो लगता है
कि सब नजरे उसपे है क्योकि
उसकी अदाओ दम है
लेकिन वो क्या जाने कि
इस की वजह ये है कि
उसकी दिवाने हम है...............
Thursday, 7 May 2015
इश्क
ये इश्क भी अजीब है
ये उससे होता है जो अपना नहीं होता है
वो नजरो के सामने तो होता है
लेकिन पास नहीं होता है
उससे दिल नफरत भी करता है
लेकिन वो दिल के लिए खुदा भी होता है
Tuesday, 5 May 2015
मोहब्बत का नशा
मोहब्बत का नशा जा के उतरता है
शराब के मैखाने या आशु के पैमाने में
फिर भी हर पल तुझे ढूढ़ा करता हु इस ज़माने में
तू आजा किसी बहाने से
ये सासे रुक न जाएगी
तुझे भुलाने में तेरी याद को मिटाने में
Monday, 4 May 2015
जिंदगी
एक और जिंदगी मांग लू रब से
ये तो रफ़्तार में कट जाएगी
न गम बाटने को बहुत
न खुशिया समेट के लिए खाफी
बस ये जिंदगानी
चैन के दो पल ढूढ़ने में कटती जाएगी
लेकिन हमें ये मालूम है
जिंदगी तू हमें समझ नहीं आएगी ………
Sunday, 3 May 2015
दीदार
क्या बताऊ कितना मुश्किल है जीना
जिसके लिए जीना उस के बिना जीना
उसके दीदार को हर पल रोना
अब तो ये गुजारिश है मेरी तुझसे
चाहे मुझे तू वो प्यार न लौटा
बस मुझपे एक मुकदमा कर जा इसी बहाने
तारीख दर तारीख तेरा मुझे दीदार तो होता रहेगा
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