Monday, 24 December 2018

DemOcracY

वो अपनी कार में सवार चला जा रहा था 
कभी व्यवस्था कभी प्रशासन 
तो कभी लोगों को गरिया रहा था 
कुछ दूर चला और
बीच सड़क पर अपनी कार रोक दी 
बाहर निकला , पहले मुँह से दिवार रंगा 
और फिर पेट की  चैन खोला कर 
 वही जमीन सीच दी |

Sunday, 24 June 2018

हिस्सा 
अपने हिस्से, मेरी ज़िंदगी से सब मांग रहे हैं , 
माँ बाप के मेरे कुछ बन जाने का हिस्सा ,
दोस्तों के उनके  रंग में,
 मेरे रंग जाने का हिस्सा ,
उसके प्यार में उसकी तरह, 
बन जाने का हिस्सा, 
मेने भी तो मांगा हैं ,
मेरे पाओ के छालो  से ,
मेरे कुछ कर गुजने  के हिम्मत का हिस्सा, 
ज़िंदगी के जब  समटने चला हर हिस्सा ,
तो वक़्त ने भी मांग लिया अपना हिस्सा | 


Friday, 3 March 2017

कर्ज़

रिश्ते तो बस अब कर्ज़  के बचे हैं
दिल के तो कब के टूट गए
ऐसे तो कर्ज़दार है हम  उनके
फिर भी वो हम से बाते
सरेआम आम नहीं करते

Sunday, 5 June 2016

कौन कहता है

कौन कहता है हम अकेले
 तेरी याद की बारात आज भी साथ है 
कौन कहता है  बेसूद है हम
 तेरी  सासों  की गर्मी का आज भी एहसास है
 कौन कहता है मदहोश हैं   हम 
तेरा चेहरा आज भी याद है 
कौन कहता है ख़त्म हो गई कहनी हमारी 
 मेरी आँखों में नमी है 
उनके दिल में मेरा दर्द है
मेरे इश्क़ का  जहा खामोश है
 पर आज भी आबाद है. 
 

Monday, 25 April 2016

वक़्त

कल तू दूर था ये दिल मगरूर था
 आज तू दूर है दिल मज़बूर है 
ये तो बस वक़्त का खेल है 
ना तेरी कोई खता न मेरा कोई कसूर  है 

Thursday, 7 April 2016

मालूम नहीं

तु था मेरे चेहरे की मुस्कराहट 
कब बन गया मेरी आँखो की नमी मालूम नहीं 
तु था मेरा हमसफ़र कब  बन गया बंजारा तेरी तलाश में मैँ मालूम नहीं 
कभी जगाई थी जीने की आस तुने कब जागा गया मीटने  की चाहत मालूम नहीं 
मालूम है तो बस इतना तेरा इंतजार आज भी  है
 आज भी  तुझ से क्यों प्यार है मालूम नहीं 

Thursday, 31 March 2016

क्यों कहता है दिल

 मेरे सपने वो अपने अरमानो के आगे तोड़ गया 
ना चाह के भी अंजना सा दर्द दे गया 
जब उनसे पूछा किसी ने कौन हु मैं 
वो हस के बोल गया,कोई खास नहीं 
अब वो  है मेरी बातो में शिकायत की जगह  
ना जाने फिर भी क्यों कहता है दिल 
 आज भी ये उनसे नाराज नहीं