Sunday, 5 June 2016

कौन कहता है

कौन कहता है हम अकेले
 तेरी याद की बारात आज भी साथ है 
कौन कहता है  बेसूद है हम
 तेरी  सासों  की गर्मी का आज भी एहसास है
 कौन कहता है मदहोश हैं   हम 
तेरा चेहरा आज भी याद है 
कौन कहता है ख़त्म हो गई कहनी हमारी 
 मेरी आँखों में नमी है 
उनके दिल में मेरा दर्द है
मेरे इश्क़ का  जहा खामोश है
 पर आज भी आबाद है. 
 

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