Thursday, 31 March 2016

क्यों कहता है दिल

 मेरे सपने वो अपने अरमानो के आगे तोड़ गया 
ना चाह के भी अंजना सा दर्द दे गया 
जब उनसे पूछा किसी ने कौन हु मैं 
वो हस के बोल गया,कोई खास नहीं 
अब वो  है मेरी बातो में शिकायत की जगह  
ना जाने फिर भी क्यों कहता है दिल 
 आज भी ये उनसे नाराज नहीं 

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