मौत जैसी खामोशियां चारो तरफ है रवा यहां
सुने -सुने से आसमा में छाये है बादल मेरे ग़म के
बरसात है तो बस मेरे आसूओ की इस पल यहां
तन्हा लगे ये दुनिया इस कदर की
दिल की धड़कने भी शोर लगती है इस पल यहां
दास्ता है तो बस मेरे दर्द इन वादियों में
इस पल ऐसा लगे बस मै, मेरे दिल ग़म, दर्द की आहे है यहां
ऐसी तन्हाइयां, खामोशियां इस अकेलेपन मुझे अपने होने का यकीन हो गया.....
No comments:
Post a Comment