हिस्सा
अपने हिस्से, मेरी ज़िंदगी से सब मांग रहे हैं ,
माँ बाप के मेरे कुछ बन जाने का हिस्सा ,
दोस्तों के उनके रंग में,
मेरे रंग जाने का हिस्सा ,
उसके प्यार में उसकी तरह,
बन जाने का हिस्सा,
मेने भी तो मांगा हैं ,
मेरे पाओ के छालो से ,
मेरे कुछ कर गुजने के हिम्मत का हिस्सा,
ज़िंदगी के जब समटने चला हर हिस्सा ,
तो वक़्त ने भी मांग लिया अपना हिस्सा |