Monday, 24 December 2018

DemOcracY

वो अपनी कार में सवार चला जा रहा था 
कभी व्यवस्था कभी प्रशासन 
तो कभी लोगों को गरिया रहा था 
कुछ दूर चला और
बीच सड़क पर अपनी कार रोक दी 
बाहर निकला , पहले मुँह से दिवार रंगा 
और फिर पेट की  चैन खोला कर 
 वही जमीन सीच दी |

Sunday, 24 June 2018

हिस्सा 
अपने हिस्से, मेरी ज़िंदगी से सब मांग रहे हैं , 
माँ बाप के मेरे कुछ बन जाने का हिस्सा ,
दोस्तों के उनके  रंग में,
 मेरे रंग जाने का हिस्सा ,
उसके प्यार में उसकी तरह, 
बन जाने का हिस्सा, 
मेने भी तो मांगा हैं ,
मेरे पाओ के छालो  से ,
मेरे कुछ कर गुजने  के हिम्मत का हिस्सा, 
ज़िंदगी के जब  समटने चला हर हिस्सा ,
तो वक़्त ने भी मांग लिया अपना हिस्सा |